भोपाल 21दिसम्बर/ ऊर्जा मंत्री तोमर द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में प्रेस वार्ता सम्पन्न
विकास और सेवा के 2 वर्षों में मप्र बना देश का अग्रणी ऊर्जा राज्य, "स्मार्ट मीटर को लेकर की भ्रांतियां दूर" होगा स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को लाभ,ऊर्जा क्षेत्र में मध्य प्रदेश की नई पहचान, दो वर्षों में गांव–गरीब–श्रमिक के जीवन में आया सकारात्मक परिवर्तन ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर।
21 दिसंबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि विकास और सेवा के दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने ऊर्जा विभाग के माध्यम से गांव, गरीब और श्रमिक वर्ग के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश आज देश के अग्रणी राज्यों में ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिजली कंपनियों का मूल उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना तथा वास्तविक खपत के आधार पर समय पर सही बिल प्रदान करना है। इस दिशा में स्मार्ट मीटर की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक सस्ती बिजली का लाभ मिल रहा है और इस अवधि में की गई खपत पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संतुष्टि के लिए ‘जन संवाद कार्यक्रम’ प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वितरण केंद्र स्तर पर नियमित रूप से उपभोक्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल कार्यक्रमों के माध्यम से मौके पर ही समस्याओं का निराकरण और राशि विश्राम की सुविधा भी दी जा रही है। श्री तोमर ने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को विद्युत सब्सिडी प्रदान कर रही है। घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिवर्ष लगभग 26 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। किसानों को निर्धारित श्रेणी में मुफ्त या रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उद्योगों को भी विद्युत दरों में लगभग 2000 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की छूट दी जा रही है।
समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत बकायादार बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत प्रदेश में पीवीटीजी समूहों के विद्युतीकरण की कार्य योजना को भी स्वीकृति दी गई है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर और प्रगतिशील ऊर्जा क्षेत्र के माध्यम से मध्य प्रदेश को सशक्त बनाना है, जिससे हर नागरिक को पर्याप्त, सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध हो।

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