“शिक्षा, तकनीक और आयुष में ऐतिहासिक परिवर्तन: 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस से लेकर RRU भोपाल तक, मंत्री इन्दर सिंह परमार ने गिनाईं दो वर्षों की बड़ी उपलब्धियां”

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में विभागों की दो वर्षों की उपलब्धियों और आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणालियां गुणवत्ता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं।

उच्च शिक्षा: गुणवत्ता और नवाचार का नया अध्याय,मंत्री श्री परमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम लागू किया गया है। वर्तमान सत्र से एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और अंतःविषय विकल्प भी शुरू हुए हैं। उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए गुना, खरगोन और सागर में तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक कर कुल 55 महाविद्यालयों को ‘प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया गया है। इसके लिए ₹336 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई और 1845 नए पद सृजित हुए। डिजिटल नवाचारों के अंतर्गत 1047 स्मार्ट क्लासरूम, 200 वर्चुअल लैब और 544 ई-लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। रोजगारोन्मुख शिक्षा और छात्र कल्याण स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण मिला और 1655 छात्रों का प्रत्यक्ष प्लेसमेंट हुआ। IIT दिल्ली के सहयोग से 68 कॉलेजों में AI और FinTech जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ‘गांव की बेटी’ योजना से 1.34 लाख और ‘प्रतिभा किरण’ योजना से 7500 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुईं।

तकनीकी शिक्षा: नए युग का सूत्रपात,मंत्री श्री परमार ने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग युवाओं को आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धी बना रहा है। सत्र 2025-26 में पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के नामांकन में 21.38% और ऑनलाइन काउंसिलिंग से प्रवेश में 25.99% की वृद्धि हुई। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत ₹750 करोड़ की सहायता दी गई। प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर का परिसर अब भोपाल स्थित RGPV में संचालित हो रहा है। साथ ही, मेधावी छात्रों को IIT इंदौर और MANIT भोपाल में अध्ययन का अवसर दिया गया है।

आयुष: स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल,आयुष क्षेत्र में 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्वीकृति और 800 आयुष आरोग्य मंदिरों का संचालन प्रारंभ किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समग्र स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी।मंत्री श्री परमार ने कहा कि आने वाले वर्षों में AI, ड्रोन तकनीक, डिजिटल सेल और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मध्यप्रदेश अब शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुभव, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण का मजबूत मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal