भोपाल 13मई/चाइल्ड बजटिंग कार्यशाला,बच्चों का सशक्त भविष्य ही विकसित मध्यप्रदेश की नींव मंत्री सुश्री भूरिया
मंत्री सुश्री भूरिया चाइल्ड बजटिंग राज्य स्तरीय कार्यशाला में हुई सम्मिलित,मप्र बजट 2026-27, बच्चों के भविष्य पर बड़ा निवेश।
मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास ही राज्य के सतत, समावेशी और आत्मनिर्भर विकास की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को परिणामोन्मुखी स्वरूप दे रही है।
मंत्री सुश्री भूरिया बुधवार को भोपाल स्थित कोर्टयार्ड मेरियट में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा UNICEF के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “चाइल्ड बजटिंग इन मध्यप्रदेश” विषयक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। कार्यशाला में विभागीय अधिकारी, नीति विशेषज्ञ, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये रिकॉर्ड प्रावधान किए गए हैं, जो सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चाइल्ड बजट में 26 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र के लिये 23 हजार 747 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें “पोषण 2.0” जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही राज्य के कुल बजट व्यय का 13.7 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा के लिये आवंटित किया गया है, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने कहा कि बच्चों का विकास केवल महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सामूहिक उत्तरदायित्व है। चाइल्ड बजट स्टेटमेंट में अब 19 विभागों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, सामाजिक न्याय तथा अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना आवश्यक है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेश के 55 जिलों की सामाजिक एवं भौगोलिक विविधताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हर जिले की आवश्यकताएं अलग हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर बच्चों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। कार्यशाला में सचिव महिला एवं बाल विकास जी व्ही रश्मि सहित विभागीय अधिकारी, यूनिसेफ प्रतिनिधि, नीति विशेषज्ञ तथा विभिन्न जिलों से आए प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चाइल्ड बजटिंग की प्रभावशीलता, योजनाओं की मॉनिटरिंग तथा बच्चों के समग्र विकास हेतु विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

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