यूपी पुलिस की बड़ी चूक उजागर, ATS ने खोली पोल
लखनऊ|राजधानी लखनऊ में पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों का दुबई में रहने वाले मेरठ के आकिब खान से कनेक्शन सामने आने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, पिछले साल एक बड़े केस में आकिब को बिजनौर पुलिस ने क्लीनचिट दे दी थी। पुलिस ने उसके वीडियो बयान भी लिए थे। लिखापढ़ी में एके-47 को खिलौना बता दिया था। मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष नांगलसोती सत्येंद्र सिंह मलिक को निलंबित कर दिया गया है। नजीबाबाद सीओ नितेश प्रताप सिंह को हटा दिया गया है। विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
नांगलसोती थाना क्षेत्र के सौफतपुर गांव निवासी मैजुल पिछले तीन साल से साउथ अफ्रीका में रहकर सैलून का काम करता है। पिछले साल नवंबर में मैजुल की एक वीडियो वायरल हुई। इसमें वह इंस्टाग्राम पर वीडियो कॉल के जरिये चार लोगों से जुड़ा हुआ था।
एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया
इस कॉल में आकिब खान ने एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो दरोगा विनोद कुमार ने 23 नवंबर 2025 को मैजुल, आकिब खान निवासी गांव सठला, मवाना, मेरठ और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
विवेचना करने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक ने पहले मैजुल से संपर्क किया था। इसके बाद वीडियो कॉल पर आकिब खान से बात की। वीडियो कॉल में आकिब ने उक्त एके-47 को खिलौना दिखाया, जबकि हैंड ग्रेनेड को परफ्यूम की बोतल बताया था। वीडियो कॉल में आकिब ने खुद को निर्दोष बताया। पुलिस ने भी उसकी बातों पर यकीन कर लिया। इसके बाद इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर आकिब और मैजुल को क्लीन चिट दे दी।
एटीएस ने चार संदिग्ध आंतकियों को गिरफ्तार किया
अब एटीएस ने मेरठ के साकिब समेत चार संदिग्ध आंतकियों को गिरफ्तार किया तो मामला उल्टा निकला। साकिब ने एटीएस को बताया कि वह दुबई में रहने वाले आकिब से जुड़ा हुआ है। एटीएस के खुलासे के बाद बिजनौर पुलिस में हड़कंप मच गया। क्योंकि, बिजनौर पुलिस की जांच में आतंकी कनेक्शन सामने ही नहीं आ पाया था। मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी अभिषेक झा ने सत्येंद्र मलिक और नितेश प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है।
इस तरह से जुड़े बिजनौर के तार
यूपी एटीएस ने मेरठ के साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, गौतमबुद्धनगर के विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित को गिरफ्तार किया था। ये सभी लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने की साजिश रचकर उसको अंजाम देने पहुंचे थे। साकिब का कनेक्शन मेरठ के ही रहने वाले आकिब से निकला। आकिब दुबई में रहता है।
इंस्टाग्राम व टेलीग्राम के जरिये आकिब बिजनौर के सौफतपुर गांव निवासी मैजुल के संपर्क में था। मैजुल की वीडियो वायरल होने के बाद आकिब का नाम सामने आया था। आकिब ने ही साकिब का इंस्टाग्राम व टेलीग्राम के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क कराया था।
संदिग्ध आतंकी बोले...एक के बाद एक दर्जनों शहर दहलाने थे
एटीएस ने चारों आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर लिया है। रविवार को अलग-अलग बैठाकर उनसे पूछताछ की गई। साकिब ने बताया कि लखनऊ के बाद प्रदेश से लेकर अन्य राज्यों के शहरों में दर्जनों धमाके करने थे। इसके लिए वह पूरी तरह तैयार थे। लखनऊ की वारदात को अंजाम देने के बाद प्रदेश के बाहर जाने का निर्देश पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दिए थे। ताकि, वह पकड़ में न आए।
इसके बाद अलीगढ़ और फिर गाजियाबाद में घटनाओं को अंजाम देना था। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी बेखौफ होकर जवाब दे रहे थे। वह बता रहे थे कि वह भी अपने स्तर से लोगों को अपने साथ जोड़ रहे थे। इसमे नाम, पहचान एक दूसरे को नहीं पता होती थी, सिर्फ सोशल मीडिया के जरिये फेक नामों से इन सभी को जोड़ा जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि गहनता से तफ्तीश जारी है। जल्द बड़े खुलासे होने की संभावना है। जो भी लोग नेटवर्क से जुड़े हैं, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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