भोपाल 21मई/मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में की लोकनिर्माण विभाग की योजनाओं एवं अन्य गतिविधियों की समीक्षा
पीडब्ल्यूडी के नवाचारों को प्रधानमंत्री अवार्ड हेतु भेजें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की विभिन्न योजनाओं, सड़क परियोजनाओं और अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं जनहितकारी कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तेजी से निर्मित हो रही सड़कें विकास की नई धारा तैयार कर रही हैं। भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों को आधुनिक सड़क नेटवर्क से प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलने लगा है। भविष्य में ग्वालियर और जबलपुर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन और इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे जैसी परियोजनाएं पूरे मालवा क्षेत्र की तस्वीर बदल देंगी। मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए कि उज्जैन एवं आसपास की सभी सड़क परियोजनाएं आयोजन से कुछ माह पूर्व ही पूर्ण कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं और आमजन को बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
सड़क सुरक्षा के लिए विशेष अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताते हुए कहा कि “अमूल्य जिंदगियां बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित मार्गों पर प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएं तथा लोक निर्माण विभाग अन्य विभागों के सहयोग से किसानों को हेलमेट वितरण अभियान से भी जोड़े। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 481 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थलों पर सड़क सुरक्षा उपायों के अंतर्गत स्कूल जोन में गति नियंत्रण, चेतावनी संकेतक, दिशा संकेतक, लेन मार्किंग और रोड मार्किंग जैसे कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बड़े शहरों में निर्मित किए जा रहे रिंग रोड्स और बायपास परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि 35.6 किलोमीटर लंबा भोपाल पश्चिमी बायपास आगामी ढाई वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन के रिंग रोड अगले डेढ़ वर्ष में तैयार हो जाएंगे। इसके अलावा रतलाम, देवास, सागर, सतना, रीवा और कटनी जैसे शहरों में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए नए रिंग रोड निर्माण की पहल की गई है। नगर निगमों और अन्य एजेंसियों के समन्वय से वर्तमान बायपास को रिंग रोड में परिवर्तित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है।
रेलवे ओवर ब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर से बदलेगी यातायात व्यवस्था: बैठक में बताया गया कि रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में पीडब्ल्यूडी सड़कों पर अब तक 105 आरओबी निर्मित किए जा चुके हैं, जबकि सड़क विकास निगम के अंतर्गत 16 और एनएचएआई के अंतर्गत 25 आरओबी एवं आरयूबी स्वीकृत किए गए हैं,एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं के तहत जबलपुर में कार्य पूर्ण हो चुका है। भोपाल और ग्वालियर में लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है, जबकि इंदौर और उज्जैन में निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।
प्रगति पथ परियोजनाएं बनेंगी विकास की रीढ़: बैठक में प्रदेश की महत्वाकांक्षी “प्रगति पथ” परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि नर्मदा प्रगति पथ का 68 प्रतिशत और मालवा-निमाड़ विकास पथ का 92 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मध्यभारत विकास पथ का 61 प्रतिशत तथा बुंदेलखंड विकास पथ का 33 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। विंध्य एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि अटल प्रगति पथ की प्रक्रिया जारी है।
पीडब्ल्यूडी के नवाचारों की सराहना: बैठक के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभाग द्वारा किए गए तकनीकी नवाचारों की सराहना करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीते वर्षों में किए गए 10 से अधिक नवाचारों को प्रधानमंत्री अवार्ड हेतु भेजा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी विभाग द्वारा बिना किसी बड़े कंसल्टेंट के जीआईएस आधारित प्लानिंग, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और नेटवर्क प्लानिंग जैसे नवाचारों को बड़ी उपलब्धि बताया।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जानकारी दी कि नए मार्गों के लिए “कृषक पथ”, “आस्था पथ” और “विकास पथ” जैसे अभिनव नामकरण किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग में केपेसिटी बिल्डिंग और डिजिटल एप आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली से कार्यों में पारदर्शिता और गति आई है।
प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से इंदौर-उज्जैन स्टेट हाईवे-59 सिक्स लेन, उज्जैन-जावरा फोरलेन, वेस्टर्न भोपाल बायपास, नर्मदापुरम-टिमरनी खंड, सिवनी मालवा बायपास, सागर-दमोह फोरलेन तथा बड़वाह-धामनोद फोरलेन परियोजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

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