ईंधन बचाने के लिए दिल्ली में सख्ती, कर्मचारियों को दो दिन WFH का आदेश
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण और ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने सरकारी दफ्तरों में हफ्ते में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) की व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही निजी कंपनियों से भी इसी मॉडल को अपनाने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह कदम न केवल ट्रैफिक कम करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित होगा।
सरकारी खर्च और ईंधन में कटौती के कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री ने सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। अब श्रम विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों को मिलने वाले ईंधन (फ्यूल) के कोटे में 20 फीसदी की कटौती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने खुद उदाहरण पेश करते हुए अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर सिर्फ 4 कर दी है। इसके अलावा, अब सरकार के मंत्री और विधायक अपनी निजी कारों के बजाय मेट्रो और डीटीसी बसों से सफर करेंगे। फिजूलखर्ची रोकने के लिए मंत्रियों की सभी विदेशी यात्राएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं और अगले तीन महीनों तक दिल्ली सरकार कोई भी बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगी।
ऊर्जा संरक्षण के लिए 'एसी' और 'सेंसर' पर नए नियम
बिजली बचाने के लिए सरकार ने एक नया प्रोटोकॉल तैयार किया है। 15 मई से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत सभी सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर (AC) का तापमान स्थायी रूप से 24 से 26 डिग्री के बीच सेट कर दिया जाएगा। बिजली की बर्बादी रोकने के लिए दफ्तरों में विशेष सेंसर लगाए जाएंगे, जो जरूरत न होने पर बिजली की आपूर्ति खुद बंद कर देंगे। साथ ही, अब 50 फीसदी विभागीय बैठकें ऑनलाइन (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए ही आयोजित की जाएंगी ताकि आवाजाही कम हो सके।
'मेड इन इंडिया' और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने 90 दिनों का एक विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत दिल्ली के प्रमुख मॉल और बाजारों में 'मेड इन इंडिया' उत्पादों के लिए अलग से स्थान (Exclusive Space) आरक्षित किए जाएंगे। स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों में इस अभियान से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली की नई 'इलेक्ट्रिक वाहन नीति' पूरी तरह तैयार है और इसे जल्द ही जमीन पर उतारा जाएगा, जिससे प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सकेगी।
15 मई से प्रभावी होंगे बदलाव
यह नया अभियान 15 मई से पूरी दिल्ली में प्रभावी हो जाएगा। हफ्ते में दो दिन 100 फीसदी वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू रहेगी, हालांकि अस्पताल, पुलिस और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाओं को इस दायरे से बाहर रखा गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से न केवल दिल्ली की हवा साफ होगी, बल्कि राजस्व की भी बड़ी बचत होगी।

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